Sunday, September 7, 2008

फर्क


फर्क है हममैं और उनमें
हम जब बोलते हैं - तब बोलतें
वे जब चुप होतें हैं
तब भी बोलते हुए से लगते है

फर्क है हममें और उनमें
हम जब चलते है तो एक भीड़ का निर्माण करतें है
वे जब चलते हैं
तो दूसरे कई लोग रुक जाते है

फर्क है हममें और उनमें
हम बात करते है - तो पहले एक भूमिका बांधते है
वे अभी कुछ बोल भी नहीं पाते
कि लोग उनकी बातों का मतलब भी जान लेते हैं

फर्क है हममें और उनमें
हम जीते हैं - क्योंकि हमें जीना है
वे जीते हैं
क्योंकि दूसरे कई लोगो को अभी जीना है
चित्र पैट्रिक दोहेन्य द्वारा

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